अध्याय ९

वल्ली और देवसेना

एक पत्नी देवताओं के राजा की बेटी थी, दूसरी एक पहाड़ी शिकारी की

दो विवाह

देवसेना — देइवानै। तमिल कंद पुराणम् परंपरा में वह इंद्र की बेटी है; महाभारत में वह प्रजापति की पुत्री और इंद्र की संबंधी कही गई है। दिव्य विवाह युद्ध के बाद होता है। तमिल दर्शन में वह क्रिया-शक्ति है, कर्म की शक्ति।

वल्ली — एक कुरवर पहाड़ी सरदार की पालक बेटी (कथा में एक ऋषि और एक हिरनी से जन्मी, शिकारियों के बीच पली)। वह बाजरे का खेत रखवाती है। वह इच्छा-शक्ति है, चाह की शक्ति।

खेत में

मुरुगन वल्ली के पास भेस बदलकर जाता है — पहले एक जवान शिकारी बनकर, फिर एक बूढ़े के रूप में।

वल्ली नहीं मानती। तब गणेश एक जंगली हाथी बनकर आते हैं और उसे डराकर मुरुगन की बाँहों में भेज देते हैं।

भाई ने भाई की मदद की। (इस साइट के गणेश-वृत्तांत से जुड़ाव।)

उत्तर का बैरागी, दक्षिण का गृहस्थ

यहीं दोनों परंपराएँ अलग हो जाती हैं।

दक्षिण में मुरुगन एक विवाहित गृहस्थ देवता है — देइवानै और वल्ली साथ, घर और समृद्धि।

उत्तर और पूर्व की कई परंपराओं में कार्तिकेय एक ब्रह्मचारी योद्धा है — "कुँवारा देवता"। अलग से, तमिल पलनी परंपरा बताती है कि गणेश से फल-प्रतियोगिता हारकर क्रोधित मुरुगन पलनी चले गए और वहाँ बैरागी दंडायुधपाणि बने।

उत्तर की कुछ परंपराओं में तो उसकी अकेली पूजा गृहस्थों के लिए अशुभ मानी जाती है, और कुछ मंदिरों में स्त्रियाँ पारंपरिक रूप से नहीं जातीं।

टिप्पणी: मुरुगन की दो पत्नियाँ देवसेना/देइवानै और वल्ली हैं। महाभारत देवसेना को प्रजापति की पुत्री और इंद्र की संबंधी कहता है; तमिल कंद पुराणम् परंपरा देइवानै को इंद्र की पुत्री बनाती है। विवाह युद्ध के बाद। विद्वान (ज़्वेलेबिल आदि) वल्ली-कथा को पुरानी, देशज तमिल प्रेम-कथा मानते हैं जिस पर बाद में देवसेना-विवाह जोड़ा गया जब तमिल देवता को संस्कृत ढाँचे में बिठाया गया। वल्ली एक पहाड़ी/शिकारी समुदाय की है — इसे पाठ जैसा कहता है वैसा दर्ज किया गया है; ऐसी "देवता ने आदिवासी स्त्री से विवाह किया" कथाओं को समावेश और अवमानना, दोनों तरह पढ़ा गया है, और यह गाथा इस पर निर्णय नहीं देती और किसी जन-समूह की सूची नहीं दोहराती। भेस बदलकर की गई प्रणय-लीला और हाथी वाला प्रसंग तमिल लोक-परत है, संस्कृत स्रोतों में नहीं। उत्तर-दक्षिण का यह विभाजन गणेश-वृत्तांत के अध्याय ४ जैसा है। उत्तरी मंदिरों में स्त्री-प्रवेश या "गृहस्थों के लिए अशुभ" वाली बात कुछ ही परंपराओं की है, सार्वभौम नियम नहीं।

स्रोत: कई ग्रंथों और परंपराओं से, वल्ली और देवसेना

अब बताइए — कितना याद रहा?

तथ्य

मुरुगन की दो पत्नियाँ कौन हैं?

  • राधा और रुक्मिणी
  • सीता और उर्मिला
  • गंगा और पार्वती
  • देवसेना (देइवानै) और वल्ली
पूरी कथा पढ़िए — दो पत्नियाँ, दो शक्तियाँ

देवसेना — इंद्र के परिवार की, युद्ध के बाद का विवाह।

वल्ली — एक पहाड़ी शिकारी की पालक बेटी।

तमिल दर्शन में एक क्रिया-शक्ति है, दूसरी इच्छा-शक्ति।

तथ्य

वल्ली किस समुदाय के पहाड़ी सरदार की पालक बेटी है?

  • यादव
  • नाग
  • गंधर्व
  • कुरवर
पूरी कथा पढ़िए — पहाड़ की बेटी

वल्ली, कथा में, एक ऋषि और एक हिरनी से जन्मी और शिकारियों के बीच पली।

वह कुरवर पहाड़ी सरदार की पालक बेटी है।

वह बाजरे का खेत रखवाती है।

क्या हुआ?

वल्ली को रिझाने में गणेश मुरुगन की मदद कैसे करते हैं?

  • उसे एक वरदान देकर
  • एक जंगली हाथी बनकर आते हैं और उसे डराकर मुरुगन की बाँहों में भेज देते हैं
  • वल्ली के पिता को मनाकर
  • एक गीत गाकर
पूरी कथा पढ़िए — भाई ने भाई की मदद की

मुरुगन भेस बदलकर वल्ली के पास जाते हैं — पहले जवान शिकारी, फिर बूढ़ा।

वल्ली नहीं मानती।

तब गणेश जंगली हाथी बनकर आते हैं। यह इस साइट के गणेश-वृत्तांत से जुड़ता है।

ग्रंथ असहमत

ज़्वेलेबिल जैसे विद्वानों के अनुसार मुरुगन के किस विवाह में पुरानी तमिल परत दिखाई देती है?

  • देवसेना का
  • दोनों एक ही समय के
  • वल्ली का
  • किसी की तारीख़ नहीं पता
पूरी कथा पढ़िए — पुराना और नया

ज़्वेलेबिल जैसे विद्वान वल्ली-मुरुगन कथा को पुरानी कुरिंजि प्रेम-कथा के रूप में पढ़ते हैं।

इस व्याख्या में देवसेना-विवाह बाद की संस्कृत-मुखी परत माना जाता है।

विद्वान इसे "संस्कृतीकरण" की एक मिसाल मानते हैं।

ऐसा क्यों?

दक्षिण और उत्तर में इस देवता का पारिवारिक रूप कैसे अलग है?

  • दक्षिण में वह विवाहित गृहस्थ देवता है (देइवानै और वल्ली के साथ); उत्तर और पूर्व की कई परंपराओं में वह ब्रह्मचारी योद्धा है
  • दोनों जगह वह बैरागी है
  • दोनों जगह वह गृहस्थ है
  • उत्तर में वह विवाहित है, दक्षिण में कुँवारा
पूरी कथा पढ़िए — गृहस्थ या बैरागी

दक्षिण में मुरुगन घर, समृद्धि और परिवार का देवता है।

उत्तर और पूर्व की कई परंपराओं में कार्तिकेय को ब्रह्मचारी या "कुँवारा देवता" माना जाता है।

यही विभाजन गणेश-वृत्तांत के अध्याय ४ में भी है।

ग्रंथ असहमत

गणेश से फल-प्रतियोगिता हारकर पलनी चले जाना और वहाँ दंडायुधपाणि बनना — यह किसकी परंपरा है?

  • यह उत्तरी परंपरा की व्याख्या है
  • यह महाभारत में है
  • यह वेदों में है
  • यह ख़ास तमिल पलनी परंपरा है
पूरी कथा पढ़िए — दो अलग परतें

"उत्तर-पूर्व में कार्तिकेय ब्रह्मचारी है" — यह एक परंपरा है।

"फल हारकर पलनी गया और बैरागी बना" — यह अलग से तमिल पलनी की कथा है।

इन्हें एक कहकर मिला देना ग़लत है।

क्या हुआ?

उत्तर की कुछ परंपराओं में कार्तिकेय की अकेली पूजा को कैसा माना जाता है?

  • सबसे शुभ
  • गृहस्थों के लिए अशुभ, और कुछ मंदिरों में स्त्रियाँ पारंपरिक रूप से नहीं जातीं
  • अनिवार्य
  • कोई विशेष नियम नहीं
पूरी कथा पढ़िए — बैरागी का मंदिर

उत्तर की कुछ परंपराओं में कार्तिकेय एक कठोर ब्रह्मचारी माना जाता है।

इसीलिए कुछ जगह उसकी अकेली पूजा गृहस्थों के लिए अशुभ मानी गई।

यह कुछ ही परंपराओं की बात है, कोई सार्वभौम नियम नहीं।

तथ्य

तमिल दर्शन में वल्ली और देवसेना क्या दर्शाती हैं?

  • इच्छा-शक्ति (चाह) और क्रिया-शक्ति (कर्म)
  • भूत और भविष्य
  • सूर्य और चंद्र
  • धन और विद्या
पूरी कथा पढ़िए — दो शक्तियाँ

वल्ली इच्छा-शक्ति है — चाह की शक्ति।

देवसेना क्रिया-शक्ति है — कर्म की शक्ति।

और मुरुगन ज्ञान-शक्ति — बुद्धि की शक्ति।

ऐसा क्यों?

भेस बदलकर की गई प्रणय-लीला और हाथी वाला प्रसंग कहाँ से हैं?

  • संस्कृत स्कंद पुराण से
  • महाभारत से
  • एक तमिल लोक-परत से
  • कालिदास से
पूरी कथा पढ़िए — लोक की परत

वल्ली की पूरी प्रणय-कथा — भेस, बूढ़े का रूप, हाथी — तमिल लोक-परंपरा की है।

संस्कृत स्कंद-कथा में यह नहीं है।

यह मुरुगन के तमिल, पहाड़ी मूल की निशानी है।

कौन हूँ मैं?

मेरी एक पत्नी देवताओं के राजा के परिवार की है; दूसरी एक बाजरे के खेत की रखवाली करती है। मैं कौन हूँ?

  • कृष्ण
  • मुरुगन
  • राम
  • शिव
पूरी कथा पढ़िए — दो दुनियाओं की पत्नियाँ

देइवानै स्वर्ग से है — इंद्र के परिवार की।

वल्ली पहाड़ से है — कुरवर शिकारियों के बीच पली।

मुरुगन दोनों दुनियाओं को जोड़ता है।