अध्याय ४

गीत जो चुभ गए

समुद्र-तट पर एक गीत-प्रतियोगिता में कोवलन ने ख़ुद गाया, माधवी ने उत्तर में गाया — और कोवलन ने अपने ही संदेह में उसे छोड़ दिया

कनलवरि — समुद्र-तट का गीत

एक दिन कोवलन और माधवी अपनी सखियों के साथ समुद्र-तट के एक उपवन में गए। वहाँ परंपरा के अनुसार प्रेमी-प्रेमिका बारी-बारी गीत गाते थे — जिसे कनलवरि कहा जाता है। कोवलन ने पहले गाया — विरह और संदेह से भरा एक गीत, स्त्री के स्वर में, जैसी इस विधा की परंपरा थी।

माधवी ने यह देखकर कि कोवलन के स्वर में कुछ बदल गया है, वीणा उसके हाथ से ले ली — ऊपर से प्रसन्न दिखते हुए, भीतर से चिंतित — और अपना उत्तर गाया, कावेरी नदी और पुहार नगर की महिमा में एक गीत, जो स्वयं में एक द्विअर्थी, सतर्क उत्तर था।

कोवलन का संदेह

माधवी का गीत सुनकर कोवलन ने कहा — "मैंने कनलवरि गाया; पर उसने, छल से भरी हुई, अपने पैन (राग) में किसी और के लिए गाया।" यह कोवलन का अपना संदेह था — उसने माधवी पर किसी और प्रेमी का आरोप लगाया, न कि माधवी ने उस पर।

भाग्य से प्रेरित, वीणा को बहाना बनाकर, कोवलन धीरे से माधवी के आलिंगन से अलग हुआ और कहा — "दिन ढल चुका है, अब चलते हैं।" पर वह उठी नहीं। कोवलन अपने सेवकों के साथ चला गया। माधवी ने अपनी सखियों को शांत किया, और उदास हृदय से अपने रथ में बैठकर घर लौट गई, अकेली।

स्रोत: तमिल पंचकाव्य — सिलप्पदिकारम् (परंपरा से इलंगो अडिगल रचित), गीत जो चुभ गए

अब बताइए — कितना याद रहा?

तथ्य

कनलवरि क्या था?

  • एक युद्ध-कौशल
  • एक विवाह-संस्कार
  • समुद्र-तट पर प्रेमी-प्रेमिका द्वारा बारी-बारी गाए जाने वाले गीतों की परंपरा
  • एक व्यापारिक अनुबंध
पूरी कथा पढ़िए — समुद्र-तट का गीत

कनलवरि समुद्र-तट पर प्रेमी-प्रेमिका द्वारा बारी-बारी गाए जाने वाले गीतों की परंपरा थी।

इसी परंपरा में कोवलन और माधवी ने एक दिन साथ गाया।

किसने कहा?

"दिन ढल चुका है, अब चलते हैं।" — यह किसने कहा?

  • कोवलन ने माधवी से
  • माधवी ने कोवलन से
  • कोवलन के सेवक ने
  • कन्नगी ने कोवलन से
पूरी कथा पढ़िए — जाने का बहाना

कोवलन ने वीणा को बहाना बनाकर माधवी के आलिंगन से अलग होते हुए यह कहा।

इसके बाद वह अपने सेवकों के साथ चला गया।

ऐसा क्यों?

कोवलन ने माधवी को क्यों छोड़ा?

  • क्योंकि माधवी ने उस पर आरोप लगाया
  • क्योंकि कन्नगी वहाँ आ पहुँची थी
  • क्योंकि माधवी ने नृत्य करने से इनकार किया
  • क्योंकि उसे लगा कि माधवी का उत्तर-गीत किसी और प्रेमी के लिए है
पूरी कथा पढ़िए — अपना ही संदेह

माधवी का गीत सुनकर कोवलन को लगा कि वह किसी और के लिए गा रही है।

यह आरोप कोवलन का अपना संदेह था, माधवी ने उस पर कोई आरोप नहीं लगाया था।

तथ्य

माधवी ने अपने उत्तर-गीत में किसकी महिमा गाई?

  • हिमालय पर्वत की
  • कावेरी नदी और पुहार नगर की
  • चंद्रमा और रात्रि की
  • स्वयं अपने प्रेम की
पूरी कथा पढ़िए — एक सतर्क उत्तर

माधवी ने कावेरी नदी और पुहार नगर की महिमा में गीत गाया।

यह गीत स्वयं में द्विअर्थी और सतर्क था, कोई सीधा आरोप नहीं।

तथ्य

माधवी ने कोवलन के बदले हुए स्वर को सुनकर क्या किया?

  • वीणा उसके हाथ से ले ली, ऊपर से प्रसन्न दिखते हुए, भीतर से चिंतित
  • तुरंत रोने लगी
  • कोवलन से सीधा सवाल किया
  • वहाँ से चली गई
पूरी कथा पढ़िए — छिपी हुई चिंता

माधवी को लगा कि कोवलन के स्वर में कुछ बदल गया है।

उसने ऊपर से प्रसन्न दिखते हुए वीणा ले ली, भीतर से चिंतित रहते हुए।

क्या हुआ?

कोवलन के जाने के बाद माधवी ने क्या किया?

  • उसका पीछा किया
  • राजा से शिकायत की
  • कन्नगी के घर गई
  • अपनी सखियों को शांत किया और उदास हृदय से अकेली घर लौट गई
पूरी कथा पढ़िए — अकेली वापसी

कोवलन के जाने के बाद माधवी ने अपनी सखियों को शांत किया।

फिर उदास हृदय से अपने रथ में बैठकर अकेली घर लौट गई।

तथ्य

कोवलन ने माधवी पर क्या आरोप लगाया?

  • कि वह नृत्य में असफल रही
  • कि वह छल से भरी हुई किसी और के लिए गा रही है
  • कि उसने धन की माँग की
  • कि वह कन्नगी से मिलने गई थी
पूरी कथा पढ़िए — एक जलन-भरा आरोप

कोवलन ने कहा कि माधवी छल से भरी हुई अपने राग में किसी और के लिए गा रही है।

यही आरोप, कोवलन की अपनी जलन से उपजा, उनके संबंध के अंत की शुरुआत बना।

ऐसा क्यों?

कथा में यह क्यों स्पष्ट किया गया है कि कोवलन ने ख़ुद पहले गाया, माधवी ने बाद में उत्तर दिया?

  • यह केवल गीत-क्रम बताने के लिए है
  • क्योंकि परंपरा में स्त्री को पहले गाना होता था
  • ताकि स्पष्ट हो कि टूट कोवलन के अपने संदेह से शुरू हुआ, दोनों के एक-साथ ग़लतफ़हमी से नहीं
  • क्योंकि माधवी गाना नहीं जानती थी
पूरी कथा पढ़िए — एकतरफ़ा टूट

कोवलन ने पहले गाया, माधवी ने उत्तर में गाया।

इससे स्पष्ट होता है कि यह टूट कोवलन के अपने संदेह से शुरू हुई, न कि दोनों की एक-साथ ग़लतफ़हमी से।

तथ्य

कोवलन ने माधवी को छोड़ने का कौन-सा बहाना बनाया?

  • भूख लगने का
  • स्वास्थ्य ख़राब होने का
  • व्यापार के काम का
  • वीणा और दिन ढलने का
पूरी कथा पढ़िए — एक छोटा बहाना

कोवलन ने वीणा को बहाना बनाकर और दिन ढलने की बात कहकर माधवी को छोड़ा।

वास्तविक कारण उसका अपना संदेह था, न कि कोई वास्तविक ज़रूरत।

तथ्य

यह घटना किस अध्याय-शृंखला (कांड) में आती है?

  • पुहार-खंड के कांड 7 में, जिसे कनलवरि कहा जाता है
  • मदुरै-खंड में
  • वंजि-खंड में
  • यह भूमिका (पतिकम्) में आती है
पूरी कथा पढ़िए — पुहार-खंड की घटना

यह घटना पुहार-खंड के कांड 7 में आती है, जिसे कनलवरि कहा जाता है।

इसी घटना से कोवलन और माधवी का संबंध टूटना शुरू होता है।