हनुमान-गाथा

हनुमान-गाथा — ९ अध्याय, ९० सवाल। कई ग्रंथों से।

हनुमान की जीवन-कथा किसी एक ग्रंथ में पूरी नहीं मिलती। जन्म और शक्ति वाल्मीकि रामायण के किष्किंधाकांड में हैं; लंका की कथा सुंदरकांड और युद्धकांड में रामायण के अपने नज़रिए से पहले ही आ चुकी है — यहाँ वही घटनाएँ हनुमान की तरफ़ से हैं। मोती की माला, अहिरावण और पाताल की कथाएँ वाल्मीकि में नहीं — बाद के ग्रंथों और परंपरा में मिलती हैं, और हर जगह बताया गया है कि कौन-सी कथा कहाँ से आती है।

हनुमान-गाथा के बारे में सवाल

यहाँ हनुमान-गाथा कैसे बँटा है?

हनुमान-गाथा की इस कथा में ९ अध्याय हैं: अंजना का बेटा, राम से भेंट, और जांबवान, समुद्र, रात की लंका, जान-बूझकर, संजीवनी, मोती की माला, अहिरावण, जो रह गया।

हनुमान-गाथा किस बारे में है?

वह जो अपनी ही शक्ति भूल गया था, और जिसे हर बार याद दिलाना पड़ा।

इस कथा का स्रोत क्या है?

कई ग्रंथों से।

क्या हनुमान-गाथा पर प्रश्नोत्तरी है?

हाँ। हर अध्याय के अंत में १० सवाल हैं, और हर सही उत्तर के पीछे एक छोटी कथा है जो उसे समझाती है। कुल ९० सवाल।