हनुमान-गाथा

हनुमान-गाथा — ९ अध्याय, ९० सवाल। कई ग्रंथों से।

हनुमान की जीवन-कथा किसी एक ग्रंथ में पूरी नहीं मिलती। जन्म और शक्ति वाल्मीकि रामायण के किष्किंधाकांड में हैं; लंका की कथा सुंदरकांड और युद्धकांड में रामायण के अपने नज़रिए से पहले ही आ चुकी है — यहाँ वही घटनाएँ हनुमान की तरफ़ से हैं। मोती की माला, अहिरावण और पाताल की कथाएँ वाल्मीकि में नहीं — बाद के ग्रंथों और परंपरा में मिलती हैं, और हर जगह बताया गया है कि कौन-सी कथा कहाँ से आती है।