कार्तिकेय-वृत्तांत

कार्तिकेय-वृत्तांत — १० अध्याय, १०० सवाल। कई ग्रंथों और परंपराओं से।

कार्तिकेय एक देवता नहीं, दो परंपराओं का संगम है — दक्षिण का प्राचीन तमिल पहाड़ी देवता मुरुगन (संगम साहित्य, वेल, मुर्गे का ध्वज) और उत्तर का पुराणिक युद्ध-देवता स्कंद (कृत्तिका-पुत्र, तारक-वध)। यहाँ दोनों धाराएँ अलग-अलग, बराबरी से रखी गई हैं; न "हमेशा एक ही देवता था" कहा गया है, न "उत्तर ने तमिल देवता चुरा लिया"। हर अध्याय बताता है कि वह किस ग्रंथ का है। जहाँ ग्रंथ भिड़ते हैं — छह दिन या सात, वेल अग्नि/इंद्र से या पार्वती से, छह माताएँ, सूरपद्मन बनाम तारक — वहाँ दोनों पक्ष दर्ज हैं और निर्णय नहीं दिया गया। जहाँ बात केवल बाद की तमिल परंपरा या मंदिर-कथा पर टिकी है, वहाँ यह साफ़ कहा गया है।