रघुवंश

रघुवंश — १२ अध्याय, १२० सवाल। कालिदास का रघुवंश महाकाव्य (मल्लिनाथ की टीका सहित एम. आर. काले के अंग्रेज़ी अनुवाद से)।

रघुवंश संस्कृत के महाकवि कालिदास का महाकाव्य है, उन्नीस सर्गों में सूर्यवंश के राजाओं की कथा: दिलीप, रघु, अज, दशरथ, राम, कुश, अतिथि और अंतिम राजा अग्निवर्ण तक। यह वाल्मीकि की रामायण का दोहराव नहीं है: लगभग आधा काव्य राम से पहले के राजाओं का है, और आधे से कुछ कम राम से बाद का। यहाँ कथा काले के अंग्रेज़ी अनुवाद को सीधे पढ़कर, अपने शब्दों में कही गई है; संवाद और विलाप के अंश भावार्थ हैं, शब्दशः अनुवाद नहीं। जहाँ कालिदास की रामकथा वाल्मीकि से अलग है, वहाँ कालिदास का पाठ ही दिया गया है। सर्ग १६ से आगे और कुछ और स्थानों का मूल ओसीआर साफ़ नहीं था; ऐसी जगहों को संक्षेप में रखा गया है।

रघुवंश के बारे में सवाल

यहाँ रघुवंश कैसे बँटा है?

रघुवंश की इस कथा में १२ अध्याय हैं: दिलीप और नंदिनी, रघु का जन्म, रघु और कौत्स, अज और इंदुमती, इंदुमती का वियोग, दशरथ: शाप और वरदान, धनुष और परशुराम, वनवास, लंका और पुष्पक, सीता का त्याग, लव-कुश और राम का प्रस्थान, कुश, नागकन्या और अतिथि, अंतिम राजा।

रघुवंश किस बारे में है?

सूर्य से निकला एक वंश — दिलीप, रघु, अज, दशरथ, राम — जिसे एक कवि ने इतने प्रेम से गाया कि जब वह ख़त्म होता है, तब भी पाठक को नहीं लगता कि कथा पूरी हुई।

इस कथा का स्रोत क्या है?

कालिदास का रघुवंश महाकाव्य (मल्लिनाथ की टीका सहित एम. आर. काले के अंग्रेज़ी अनुवाद से)।

क्या रघुवंश पर प्रश्नोत्तरी है?

हाँ। हर अध्याय के अंत में १० सवाल हैं, और हर सही उत्तर के पीछे एक छोटी कथा है जो उसे समझाती है। कुल १२० सवाल।